Arz Kiya Hai Jokes in Hindi

अर्ज किया है..

आँखों में नमी थी,
और विटामिन की कमी थी..

वाह..! वाह..!

जिससे  रात-भर chatting की,
वो GirlFriend की मम्मी थी… gringringrin
अर्ज किया है..

इख्तीयार-ए-तरन्नुम से तबस्सुम की रौशनी को जला देना...
.
.
वाह..! वाह...!
.
.
जब इसका मतलब समझ में आये तो मुझे भी बता देना.. gringringrin
अर्ज किया है....

आपकी बातों पे दिल हारूं..
वाह.....! वाह....! 

आपकी सूरत पे जान वारूं...
वाह....! वाह...!

जिस दिन नहीं आता आपका SMS दिल करता है 
आपको पटक-पटक के मारूं...!
अब बोल वाह.. वाह.. gringringrin
अर्ज किया है...

की..
बैठकर अपनी महबूबा की जुल्फों के साए में ऐसा जोश आया, 
वाह......! वाह.....! 
.
.
फिर..
फिर..
.
.
.
.
उसके पापा ने देख लिया और I.C.U में होश आया.... gringringrin
अर्ज़ किया है...
.
.
वो कहती अपने भाइयों से, मेरे आशिक़ को यूँ ना पीटो,
ज़रा गौर फरमाइये,
.
.
वो कहती अपने भाइयों से, मेरे आशिक़ को यूँ ना पीटो...

बड़ा जिद्दी है ये कमीना, पहले कुत्ते की तरह घसीटो। gringringrin
अर्ज़ किया है..
स्टूडेंट : हज़ारों की किस्मत तेरे,
पास थी, पास कर देता, क्या बात थी।

टीचर : इश्क़ थोड़ा कम करता तो बात थी,
बुक्स तो बेटा सारी तेरे पास थी। gringringrin
अर्ज़ किया है...
कभी-कभी मेरे दिल में ये ख्याल आता है,
ये जिंदगी अगर तेरी जुल्फों की घनी छाँव,
में गुजर जाती तो..

"होम लोन" लेने की जरुरत ही ना पड़ती। gringringrin
अर्ज़ किया है...
गुस्से का आना मर्द होने की निशानी है,
मगर गुस्से को पी जाना पति,
होने की निशानी है.. gringringrin
अर्ज़ किया है...

एक और जिंदगी मांग लो खुदा से,    
ये वाली तो ऑफिस में ही कट जानी है, 

ना ख़ुशी खरीद पाता हूँ ना ही गम बेच पाता,
फिर भी ना जाने क्यों मैं हर रोज कमाने जाता हूँ... gringringrin
अर्ज़ किया है..
कि..
मोहब्बत के रास्ते में हर कदम पर दर्द मिलेगा,
एक इल्तेजा है मेरे दोस्त,
इसी रास्ते पर एक मेडिकल स्टोर खोल ले,
मस्त चलेगा... gringringrin